130 अस्पतालों में महज 37 डॉक्टर, बेपटरी हुई चिकित्सा व्यवस्था

0
32

भानु प्रताप सिंह/नई दिल्ली

फर्रुखाबाद। जिले में चिकित्सा व्यवस्था की गाड़ी पूरी तरह से पटरी से उतर गई है। इसकी खास वजह यहां सरकारी डॉक्टरों का बेहद टोटा होना है। जिले के 104 सरकारी अस्पताल फार्मासिस्ट के हवाले हैं। डॉक्टरों की कमी के चलते मुख्य चिकित्साधिकारी ने चिकित्सा व्यवस्था गाड़ी पटरी पर लाने से हाथ खड़े कर दिए हैं।
बरसात और बाढ़ की बजह से यहां मच्छरों की फौज तैयार हो गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में मच्छर जनित रोग फैल रहे हैं। गंगा और रामगंगा में आई बाढ़ का पानी कम होने के बाद प्रभावित क्षेत्र में संक्रामक रोग फैल सकते हैं। इन हालातों से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग के पास डॉक्टरों की बेहद कमी है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर अरुण कुमार का कहना है कि जिले में 130 सरकारी अस्पताल हैं। जिसके अनुरूप उनके जिले में केवल 37 डॉक्टर तैनात हैं। इनमें सीएमओ, डिप्टी सीएमओ और अपर मुख्य चिकित्साधिकारी के पद पर 9 की तैनाती है। चार डॉक्टर लम्बे अवकाश पर चल रहे हैं। केवल 24 डॉक्टर यहां मौजूद हैं। इन 24 डॉक्टरों में भी कभी किसी को कोर्ट में जाना पड़ता है तो कभी किसी डॉक्टर को मेला लगवाने का काम सौंप दिया जाता है।
सीएमओ का कहना है कि इन हालतों में यदि किसी डॉक्टर की शिकायत भी आती है तो वह उसके खिलाफ दण्डनात्मक कार्यवाही भी नहीं कर सकते| यदि करते हैं तो एक और डॉक्टर कम होने का भय बना रहता है। उनका कहना है कि जुगाड़ से काम चलाया जा रहा है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में ही डॉक्टर मौजूद नहीं हैं। सामुदायिक स्वाथ्य और प्राथमिक स्वाथ्य केन्द्रों पर भी डॉक्टरों की कमी अखर रही है। शासन को एक अर्से से लिखा जा रहा है लेकिन शासन से इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
एजेंसी

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here