हिंदू तन-मन हिंदू जीवन, रग-रग हिंदू मेरा परिचय : अटलबिहारी बाजपेयी

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खंडवा। देश के पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी बाजपेयी भले ही इस दुनिया को अलविदा कह चुके हैं, लेकिन उनकी यादें लोगों के दिलोदिमाग में हमेशा ताजा रहेंगी। उनका खंडवा शहर से गहरा नाता रहा है। खंडवा में उन्होंने एक कवि सम्मेलन में भाग लिया था, तब अपना परिचय इस प्रकार दिया था- ‘हिंदू तन-मन हिंदू जीवन, रग-रग हिंदू मेरा परिचय।’ 
वर्ष 1948 में अटलजी राष्ट्रधर्म पत्रिका के संपादक थे। राष्ट्रधर्म के प्रेस कर्मचारियों को जेल में बंद कर दिया था एवं कार्यालय को सील कर दिया था। अटलजी वहां से भूमिगत हो गए, अप्रैल 1948 में उनका खंडवा आगमन हुआ, यहां एक दिन भाजपा के वरिष्ठ नेता लोकतंत्र सेनानी सुरेन्द्र अग्रवाल के पिता स्व. हजारीलाल अग्रवाल के निवास पर रहे। यहां से इलाहाबाद चले गए। इसके बाद 1952 में फिर अटल जी का खंडवा आगमन हुआ।
मीडिया प्रभारी सुनील जैन ने बताया कि 1955 में पुन: आगमन हुआ। एक बार खंडवा में अटल जी ने कवि सम्मेलन में भाग लिया, इसमें ताराचंद कर्वे, शंकरलाल तिवारी, हजारीलाल अग्रवाल, नंदकिशोर शर्मा सहित कवियों ने भाग लिया। कवि सम्मेलन बुधवारा बाजार में लाला जलेबी के सामने मंच लगाकर हुआ। इसमें अटल जी ने हिंदू तन-मन हिंदू जीवन, रग-रग हिंदू मेरा परिचय तथा उनकी याद करें व अमर आग है -अमर आग है, इन कविताओं का पाठ किया।
लोकतंत्र सेनानी सुरेन्द्र अग्रवाल ने बताया कि 1960 में अटल जी इंदौर से कार द्वारा रात्रि में खंडवा पहुंचे यहां पर नाना साहब गद्रे के निवास स्थान तीन पुलिया के सामने रुके थे। सुबह कोलकाता मेल से जबलपुर के लिए रवाना हुए| कोलकाता मेल 1 घंटे की देरी से आई थी| अटल जी को ट्रेन में बिठाने के लिए 9 लोग उपस्थित थे जिसमें चंद्रभान गाबा, धर्मचंद मेहता, डॉक्टर कोपरकर, हजारीलाल अग्रवाल एवं उनके दो पुत्र सुरेन्द्र एवं अशोक भी साथ में थे। अशोक की उम्र लगभग 9 वर्ष थी| अटल जी अशोक से बाल सुलभ सवाल जवाब करते रहे। सन् 1971 में लोकसभा चुनाव में जनसंघ के उम्मीदवार वीरेंद्र कुमार आनंद थे| उनके प्रचार हेतु खंडवा में लक्कड़ बाजार सब्जी मंडी में आम सभा की। सन् 1977 में आपातकाल के दौरान लोकसभा चुनाव में अटलजी की परमानंद गोविंद जी के चुनाव प्रचार के लिए देर रात्रि में लगभग 1.00 बजे अनाज मंडी में आम सभा हुई। बारिश के कारण सभा लेट होती गई| अटल जी के अन्य कार्यक्रम भी लेट हुए| रात्रि 1 बजे की सभा में भी हजारों लोगों की उपस्थिति रही। लोग अटल जी को सुनने के लिए दिनभर सभा स्थल का चक्कर लगाते रहे और इंतजार करते रहे।
वर्ष 1979 में खंडवा का लोकसभा का उप चुनाव हुआ जिसमें कुशाभाऊ ठाकरे जनता पार्टी के उम्मीदवार थे। इनकी सभा अनाज मंडी प्रांगण में हुई। सन 1982 में भाजपा के खंडवा जिले की ओर से अटल जी को पार्टी कार्यों के लिए पांच लाख की थैली भेंट की गई। पार्टी के जिलाध्यक्ष बृजमोहन मिश्रा एवं कोषाध्यक्ष नारायण हेमवानी थे। सभास्थल अनाज मंडी प्रांगण में वर्तमान मंडी कार्यालय के स्थान पर था। 1993 में मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव में पूरणमल शर्मा भाजपा के उम्मीदवार थे। आमसभा अनाज मंडी प्रांगण में हुई। सन् 1999 में अटल जी की सभा प्रधानमंत्री के रूप में पॉलिटेक्निक कॉलेज के पास हुई। लोकसभा के उम्मीदवार नंदकुमार सिंह चौहान थे। अटल जी की सरकार 1 वोट से गिरने से यह चुनाव हुआ था। 2003 में अटल जी प्रधानमंत्री के रूप में ओंकारेश्वर परियोजना के शिलान्यास के लिए आए| तब खंडवा में छैगांवमाखन के पास अटल जी की सभा हुई थी।

एजोंसी

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