सुप्रीम कोर्ट ने कहा-पूजा-अर्चना की पद्धति तय करना उसका काम नहीं

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chandra bhushan tiwari
नई दिल्लीः सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को उज्जैन स्थित महाकालेश्वर मंदिर के मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि किसी भी मंदिर या अन्य धार्मिक स्थलों पर पूजा-अर्चना की पद्धति तय करना उसका काम नहीं है। उसकी चिंता केवल शिवलिंग की सुरक्षा को लेकर है। कोर्ट ने मंदिर की पूजा पद्धति में हस्तक्षेप से इंकार करते हुए कहा कि भस्म आरती कैसे होगी ये हम तय नहीं करेंगे। कोर्ट केवल शिवलिंग को सुरक्षित और संरक्षित रखने का दिशा निर्देश दे सकता है। इसके पहले कोर्ट ने मंदिर में लगाए गए उस नोटिस बोर्ड को हटाने का आदेश मंदिर प्रबंधन समिति को दिया था, जिसमें लिखा था कि सुप्रीम कोर्ट के निर्दश पर पूजा-अर्चना के नियम बनाए गए हैं। कोर्ट ने कहा कि उसकी ओर से यह आदेश कभी नहीं दिया गया। कोर्ट ने ये मामला सिर्फ शिवलिंग की सुरक्षा के लिए सुना और एक्सपर्ट कमेटी का गठन किया। सुप्रीम कोर्ट ने यह चेतावनी भी दी कि अगर इस मामले में मीडिया गलत रिपोर्टिंग करता है तो उसके खिलाफ कानून के मुताबिक कार्रवाई की जाएगी।

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