विजय माल्या पर सियासत तेज,वित्त मंत्री दे इस्तीफा:राहुल गांधी

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दिल्ली / राजेश कुमार

चुनावी माहौल में भगोड़े विजय माल्या पर सियासत फिलहाल थमने का नाम नहीं ले रहा है।बुधवार को बैंकों के 900 करोड़ रुपए के कर्जदार किंगफिशर एयरलाइंस के मालिक माल्या ने बड़ा खुलासा किया है।प्रत्यर्पण मामले पर सुनवाई के लिए वेस्टमिंस्टर मजिस्ट्रेट कोर्ट में आए माल्या ने कहा, ‘‘मैंने भारत छोड़ने से पहले वित्त मंत्री से मुलाकात की थी।’’ हालांकि कर्जदार माल्या 2 मार्च 2016 को लंदन भाग गया था। इस दावे पर जेटली ने कहा कि माल्या का बयान झूठा है।लेकिन कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने ट्वीट कर ये कहा है की माल्या की ओर से लगाए गए आरोप बेहर गंभीर है और पीएम को तत्काल इस मसले पर निष्पक्ष जांच करानी चाहिए।हालांकि विजय माल्या अपने बयान से पलटने में देर भी नहीं लगाई और कहा की मुझे दोनों बड़ी पार्टियों ने राजनीतिक फुटबॉल बना दिया।

इस्तीफा दें वित्त मंत्री

कर्जदार भगोड़े विजय माल्या पर सियासत तेज हो गई है।देश छोड़ने से पहले वित्त मंत्री अरूण जेटली से मुलाकात के इस दावे को लेकर कांग्रेस पार्टी को बैठे बैठाए बड़ा मुद्दा हाथ लग गया है।कांग्रेस ने बुधवार को सरकार पर हमला बोला और कहा कि इस पूरे मामले की जांच होनी चाहिए।कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने तो माल्या के बयान के बाद वित्त मंत्री अरुण जेटली का इस्तीफा मांगा है। उन्होंने ट्वीट कर पीएम से ये मांग की है कि इसकी निष्पक्ष जांच हो और जांच पूरी होने तक अरुण जेटली को वित्त मंत्री के पद से इस्तीफा देना चाहिए।

स्पष्ट और विस्तृत जवाब दें

कांग्रेस पार्टी प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि माल्या के बारे में सब कुछ पता होने के बावजूद उसे देश के बाहर क्यों जाने दिया गया?कांग्रेस प्रवक्ता सिंघवी ने कहा, ‘कांग्रेस बार-बार कहती आ रही है माल्या, नीरव मोदी और कई अन्य लोगों को जानबूझकर बाहर जाने दिया गया। माल्या ने जो कहा है उस पर वित्त मंत्री की तरफ से और स्पष्ट और विस्तृत जवाब आना चाहिए।सिंघवी ने कहा कि ‘माल्या ने दो चीजें कही हैं, पहली कि उसने वित्त मंत्री से व्यवस्थित ढंग से मुलाकात की थी और दूसरी यह कि उसने मामले को सुलझाने की पेशकश की थी।

भगोड़ो का साथ,लुटेरों का विकास

खुलासे के बाद कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने ट्वीट कर कहा, ‘भगोड़ों का साथ, लुटेरों का विकास’ बीजेपी का एकमात्र लक्ष्य है। उन्होंने कहा, ‘मोदी जी, आपने ललित मोदी, नीरव मोदी ‘हमारे मेहुल भाई’, अमित भटनागर जैसों को देश के करोड़ों रुपये लुटवा, विदेश भगा दिया. विजय माल्या, तो श्री अरुण जेटली से मिलकर, विदाई लेकर, देश का पैसा लेकर भाग गया है? चौकीदार नहीं, भागीदार है!

अब लोग जानना चाहते है

विजय माल्या के इस ताजा बयान के बाद दिल्ली के मुख्यमंत्री और AAP नेता अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट कर कहा कि, देश छोड़ने से पहले नीरव मोदी की प्रधानमंत्री से मीटिंग और माल्या की वित्त मंत्री अरुण जेटली से मीटिंग से क्या साबित होता है, यह लोग जानना चाहते हैं.

ये आरोप झूठा है

वित्त मंत्री जेटली ने माल्या के बयान को झूठा करार देते हुए कहा कि उन्होंने 2014 के बाद उसे कभी मिलने का समय नहीं दिया था.जेटली ने कहा कि माल्या राज्यसभा सदस्य के तौर पर हासिल विशेषाधिकार का दुरुपयोग करते हुए संसद भवन के गलियारे में उनके पास आ गया था, हालांकि उसकी पेशकश को वित्त मंत्री की ओर से ठुकरा दिया गया।

माल्या अपने बयान से पलटने में देर भी नहीं लगाई

दरअसल, लंदन में वेस्टमिंस्टर मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश होने के लिए पहुंचे माल्या ने कहा कि उसने वित्त मंत्री से मुलाकात की थी और बैंकों के साथ मामले का निपटारा करने की पेशकश की थी।विजय माल्या ने कोर्ट के बाहर मीडिया को बताया कि मुझे दोनों बड़ी पार्टियों ने राजनीतिक फुटबॉल बना दिया और बाद में मुझे बलि का बकरा बनाया गया। उसने बताया कि जेनेवा में एक मीटिंग में शामिल होने की वजह से मैं देश से बाहर आया था।हालांकि बाद में माल्या ने कहा कि उसने जेटली से औपचारिक मुलाकात नहीं की थी, बल्कि मीडिया ने उनके बयान को लेकर विवाद पैदा कर दिया। माल्या ने कोर्ट से बाहर आकर कहा कि मैं सिर्फ यह बता रहा था कि किस तरह भारत से बाहर आया। सुनवाई के बाद कोर्ट ने माल्या पर फैसले के लिए 10 दिसंबर की तारीख तय की है।

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