मिजोरम में काँग्रेस को मात देने के लिए भाजपा को ईसाईयों का विश्वास जीतना होगाः मानस डेका

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नयी दिल्ली/ डॉ. बुद्धसेन

काँग्रेस-मुक्त भारत अभियान में लगी भाजपा पश्चिम बंगाल से सटे आसाम पर कब्जा जमाने के बाद उससे सटे मिजोरम पर जोर दे रही है। कोशिश है, लोकसभा की एक सीट और40 सदस्यीय मिजोरम विधानसभा से काँग्रेस को बेदखल करने की। इसके लिए उसे उसके परंपरागत वोटबैंक माने जानेवाले ईसाई समुदाय में सेंधमारी करनी होगी। इसके लिए प्रदेश में पार्टी की कमान वैसे शख्स को सौंपनी होगी जो इस समुदाय में चर्चित हो। भाजपा से जुड़े लोगों का मानना है, जेएनयू छात्र नेता कन्हैया पर हुए हमला से चर्चा में आए मानस डेका के जरिये ऐसा हो सकता है। डेका को कमान सौंपी जाती है तो हिन्दुओं के साथ ईसाई समुदाय जुड़ जायेंगे और तब काँग्रेस को सत्ता में आने से आसानी से रोका जा सकता है। प्रदेश में इस समुदाय की आबादी काफी है। इनका झुकाव अबतक काँग्रेस की तरफ रहा है। वह इन्हीं के बूते सत्ता में आती रही है। आइजोल में आयोजित पार्टी की बैठक में डेका के जो तेवर दिखे उसने भी कार्यकर्ताओं को काफी प्रभावित किया। पब्लिक नेशन से खास बातचीत में डेका ने कई मुद्दों पर खुलकर बातचीत की। डेका का मानना है कि पार्टी उन्हें बड़ी जिम्मेदारी सौंपती है तो उसपर वह खरा उतरने की कोशिश करेंगे। डेका ने आश्चर्य किया कि साक्षरता दर में मिजोरम अव्वल स्थान रखता है, यहाँ के लोग शिक्षित, बुद्धिमान और स्मार्ट हैं, फिर भी राज्य ने तरक्की नहीं की। ऐसा क्यों हुआ, यह सोचने की जरूरत है।

मिजोरम के पिछड़ेपन के लिए वह काँग्रेस और मिजोरम नेशनल फ्रंट (एमएनएफ) दोनों को जिम्मेदार मानते हैं। उन्होंने कहा कि दोनों ने प्रदेश पर तीन दशक से अधिक समय तक शासन किया बावजूद इसके यह राज्य देश के अन्य हिस्सों की तरह तरक्की नहीं कर सका। यहाँ तक कि नरेन्द्र मोदी की सरकार ने जो विकास की योजनाएँ चलायीं उसे भी धरातल पर नहीं उतारा जा रहा है। केंद्र प्रधान मंत्री आवास योजना जैसी प्रमुख योजनाओं को लागू करता है, उज्वला योजना, एलपीजी जैसी योजनाओं को कांग्रेस की अगुवाई वाली मिजोरम सरकार लागू नहीं कर रही। यहां तक कि बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना भी लागू नहीं किया जा रहा है। उन्होंने राज्य सरकार पर बिजली, पानी और सड़क जैसी मूलभूत सुविधाएँ देने में नाकाम रहने का आरोप लगाया।

मानस कहते हैं, कांग्रेस का दावा है ‘नयी भूमि उपयोग नीति’ (एनएलयूपी) ने आजीविका के कई विकल्प खड़ा किये हैं। लेकिन, कांग्रेस और उसके मुख्यमंत्री लाल थान्हावाला मिजोरम के लोगों को यह नहीं बता पा रहै हैं कि इसमें कितनी सच्चाई है? केंद्र ने जो पैसे दिये वे गायब हो गये। मुख्यमंत्री लाल थान्हावाला पर व्यंग कसते हुए उन्होंने कहा कि वह एक जादूगर हैं। उनकी कृपा से राज्य में सड़क, बिजली, पानी और केन्द्र से आनेवाले पैसे तक गायब हो जा रहे हैं। ये सब अब नहीं चलेगा। भाजपा इसे बदलने के मिशन पर है। इसमें आपका सहयोग जरूरी है। वर्तमान राज्य सरकार की नजर में राज्य के विकास और लोगों के लिए कोई सम्मान नहीं है। इससे लोग ऊब चुके हैं। पूरा देश भ्रष्टाचारमुक्त और कांग्रेसमुक्त देखना चाहता है। इसका जीता-जागता उदाहरण है काँग्रेस की सीटों में कमी। कभी लोकसभा चुनाव में 400 से अधिक सीटें जीतनेवाली इस पार्टी को मात्र 44 सीटों पर ही संतोष करना पड़ रहा है। पूरे देश पर राज करनेवाली काँग्रेस चंद राज्यों में सिमटकर रह गयी है। परिवर्तन के लिए यह सुनहरा मौका है। राज्य में विकास लाने के लिए बीजेपी का सत्ता में आना बेहद जरूरी है।

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