बच्चों को पोषण आहार परोसने से पहले आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को चखने के निर्देश

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भोपाल। आंगनबाड़ी केन्द्रों में बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए दी जाने वाली पोषण आहार व्यवस्था किस तरह से भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ी है इससे हर कोई वाकिफ है। पोषण आहार व्यवस्था में लगातार मिल रही शिकायतों के बाद महिला एवं बाल विकास विभाग ने इस ओर कठोर कदम उठाया है। आंगनबाड़ी केन्द्रों में बांटा जाने वाला पोषण आहार अब आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा चखने के बाद ही बच्चों को दिया जाएगा। इससे संबंधित निर्देश विभाग ने जारी कर दिए हैं।
विभाग द्वारा सभी जिलों के कलेक्टरों को जारी निर्देश में साफतौर पर कहा गया है कि आंगनबाड़ी केन्द्रों में बांटे जाने वाले पोषण आहार को पहले स्वयं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता द्वारा चखने के बाद ही बच्चों को वितरित किया जाए। साथ ही आहार से संबंधित पंचनामा भी अनिवार्य रूप से तैयार करना होगा। निर्देशों का पालन नहीं करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। विभाग के आयुक्त डॉ. अशोक कुमार भार्गव ने कलेक्टरों को लिखा है कि गुणवत्ता की जांच किए बगैर बच्चों को पोषण आहार न बांटा जाए और इस संबंध में होने वाली किसी भी शिकायत को हल्के में न लिया जाए। इसके साथ ही विभाग ने ग्रामसभा स्वास्थ्य तदर्थ समिति के सदस्यों से पोषण आहार की नियमित जांच कर रिपोर्ट कलेक्टर को भेजने को कहा है। ऐसे मामलों में एसडीएम की अध्यक्षता में गठित विकास खंड स्तरीय समिति से मामले की बारीकी से जांच कराने को कहा गया है। साथ ही जिम्मेदार कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई कर सूचित करने के निर्देश दिए हैं।
गौरतलब है कि पिछले माह दमोह के एक सरकारी स्कूल में मध्यान्ह भोजन खाने से 50 बच्चे बीमार हो गए थे। विभाग को लगातार पोषण आहार की गुणवत्ता को लेकर भी शिकायतें मिल रही थी। जिसके बाद महिला एवं बाल विकास विभाग ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को पोषण आहार चखने और उसका पंचनामा तैयार करने के बाद ही बांटने के निर्देश दिए हैं। उल्लेखनीय है कि स्कूल शिक्षा विभाग ने मध्यान्ह भोजन को लेकर तीन साल पहले ये गाइड लाइन जारी की थी। उसी आधार पर विभाग ने अलग से निर्देश जारी किए हैं।
एजेंसी

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