पीएनबी क्षेत्रीय शाखा में लगी भीषण आग, 50 लाख की क्षति

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बोकारो। बोकारो के बैंकों में अगलगी की वारदातें थमने का नाम नहीं ले रहीं। इसी कड़ी में बीती मध्यरात्रि लगभग 12 बजे बोकारो के सेक्टर- 4 थानांतर्गत पंजाब नेशनल बैंक की क्षेत्रीय शाखा में भीषण आग लग गई, जिसके कारण लगभग 50 लाख रुपये के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है। घटना में बैंक के ऊपरी तल्ले में रखे सारे सामान जलकर खाक हो गए।

बैंक के क्षेत्रीय प्रबंधक पवन कुमार सिंह के मुताबिक, मध्य-रात्रि के आसपास बैंक में तैनात सुरक्षाकर्मियों ने फायर अलार्म की आवाज सुनाई देने और ऊपरी तल्ले से धुआं आने पर तत्काल उन्हें इसकी जानकारी दी। बैंक अधिकारियों ने बोकारो स्टील तथा झारखंड सरकार के अग्निशमन दस्ते को सूचित किया। साथ ही पुलिस को भी जानकारी दी गई। दमकलकर्मी तत्काल मौके पर पहुंच गये। लगभग दो-तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग को काबू में किया गया और इसे निचले तल्ले पर फैलने से रोक लिया गया। क्षेत्रीय प्रबंधक ने बताया कि बैंक का काम भवन के दो मंजिलों में ही चलता है। ग्राउंड फ्लोर में ग्राहक से संबंधित कार्य और नकद का काम होता है, जबकि ऊपरी तल्ले पर केवल प्रशासनिक भवन है, जिसमें ग्राहकों से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने बताया कि बुधवार रात लगभग साढ़े नौ बजे बैंक के बंद हो जाने के बाद केवल यूपीएस ऑन था, ताकि एटीएम को चलाया जा सके। आशंका है कि शॉर्ट सर्किट की वजह से ही आग लगी, क्योंकि इतनी रात गए किसी बाहरी आदमी द्वारा आग लगाने की साजिश संभव नहीं लग रही। फिर भी इस संबंध में बैंक की ओर से प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। घटना के कारणों की जांच के लिए कोलकाता से बैंक के विशेष तकनीकी पदाधिकारी बोकारो पहुंच रहे हैं। बीमा अधिकारी और पुलिस जांच दल भी छानबीन करेंगे।

बैंक के प्रबंधक ने कहा कि बैंक का कामकाज प्रभावित नहीं होगा। ग्राहक सेवा संबंधी सभी कार्य सुचारु रूप से चलते रहेंगे। फिलहाल, विद्युत आपूर्ति रोक दी गई है, ताकि आग बुझाने के लिए किए गए जल प्रवाह के बाद नीचे गिरे पानी के संपर्क में बिजली के आने से कोई अप्रिय घटना न घटे। घटना में कुल नुकसान का आकलन मुश्किल बताते हुए क्षेत्रीय प्रबंधक ने कहा कि इसकी जांच की जा रही है, परंतु अगर पूर्व के समान संरचना तैयार की जाए और वही संसाधन फिर से स्थापित किए जाएं तो इसमें लगभग 50 लाख रुपये का न्यूनतम खर्च आयेगा। उन्होंने कहा कि अगलगी की घटना में सभी तरह के फर्नीचर जलकर खाक हो गए और कुछ कंप्यूटर की जल गए। इससे बैंक का कोई डाटा प्रभावित नहीं हुआ है, क्योंकि जितने भी वैधानिक दस्तावेज एवं डाटा हैं, वे मुख्यालय स्थित सर्वर में सेव है। दूसरी ओर घटना के अगले दिन सुबह से लेकर लगभग दिनभर आमलोगों की भीड़ घटनास्थल पर लगी रही।

प्लाई और सनमाइका ने भड़कायी आग

आग को काबू करने में मुख्य भूमिका निभाने वाले बोकारो स्टील के फायर टेंडर ऑफिसर विभूति राय ने बताया कि आग फैलने का मुख्य कारण फर्नीचरों के प्लाई और उन पर सनमाइका से की गई डिजाइनिंग रहा। सनमाइका और फ्लाई में आग विद्युत धारा से भी अधिक तेजी से फैलती है। इसके साथ ही खिड़कियों में लगे रबड़नुमा फ्रेम व डिजायनर परदों ने भी आग को काफी बढ़ा दिया। उन्होंने बताया कि संभवतः बिजली की शॉर्ट सर्किट से ही आग लगी है। इसे काबू करने में बीएसएल व झारखण्ड सरकार की कुल आधा दर्जन दमकल गाड़ियां लग गयीं। मध्यरात्रि 12 बजे के बाद से लगभग तीन बजे तक आग को नियंत्रित करने में दमकलकर्मी परेशान रहे।

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