नहीं काम आई सुरक्षा ऐप और न बचा सकी दुर्गा शक्ति, देश की टॉपर बेटी को हवश के दरिंदों ने नोचा

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-26 जनवरी,2016 को राष्ट्रपति ने किया था इस छात्रा को सम्मानित

रेवाड़ी। कोसली इलाके में सीबीएसई टॉपर छात्रा के साथ सामूहिक दुष्कर्म घटना के 16 घंटे बीतने के बाद भी आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। पीड़ित परिवार न्याय के लिए भटक रहा है लेकिन पुलिस शिकायत पर गंभीरता नहीं दिखा रही है। आरोपी सरेआम खुले घूम रहे हैं और पुलिस सीमा विवाद में उलझी हुई है। पुलिस सुरक्षा ऐप व दुर्गा शक्ति होने का दावा करती है लेकिन यह दावे हकीकत से कोसों दूर हैं।
पीड़ित परिजनों ने बताया कि उनकी बेटी सीबीएसई में साल 2015 में हरियाणा रीजन में टॉपर रही है और उनकी बेटी को राष्ट्रपति ने दिल्ली में 26 जनवरी 2016 को सम्मानित किया था। पीड़िता सेकेंड इयर की छात्रा है और गुरुवार सुबह घर से कोचिंग के लिए निकली थी लेकिन कनीना बस स्टैंड के पास उसके गांव के ही जानकार तीन युवक उसे गाड़ी में बैठाकर ले गए।
पंकज, मनीष और नीसु नाम के तीन युवक छात्रा को अगवाकर महेन्द्रगढ़ जिले की सीमा से दूर झज्जर जिले की सीमा के खेतों में बने एक कुएं पर ले गए, जहां और भी लोग मौजूद थे और नशे की हालत में सभी ने उसे अपनी हवस का शिकार बनाया और वापस शाम करीब 4 बजे वही कनीना बस अड्डे पर बेसुध हालत में फेंककर वहां से रफू चक्कर हो गए। उन्हीं युवकों में से एक युवक ने छात्रा के घर पर फोन कर यह जानकारी भी दी कि उनकी लड़की यहां बेसुध पड़ी हुई है। पीड़ित परिजनों के मुताबिक जब शाम को उन्हें पता चला तो करीब साढ़े चार बजे वो अपनी बेटी को लेकर अस्पताल गए, तो मेडिकल में रेप की पुष्टि हुई है। पुलिस अब पीड़िता को इधर-उधर घुमा रही है और आरोपियों को करीब 16 घंटे बीतने के बाद भी गिरफ्तार नहीं किया गया है। पीड़िता की मां ने बताया कि आरोपी सरेआम घूम रहे हैं और दबंगों की तरफ से उन्हें धमकियां मिल रही हैं। पीड़िता रेवाड़ी जिले के एक गांव की रहने वाली है। इसलिए परिजनों ने रेवाड़ी पुलिस को सूचित किया। रेवाड़ी की महिला पुलिस ने जीरो एफआईआर दर्ज कर उसे कनीना (महेंद्रगढ़) थाने भेज दिया। कनीना थाने से भी पीड़ित परिजनों को यह कहकर वापस लौटा दिया कि यह मामला उनकी सीमा क्षेत्र से बाहर का है। पीड़ित परिवार न्याय की गुहार लगा रहा है।
एजेंसी

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