देवघर में विश्वप्रसिद्ध श्रावणी मेला शुरू, जलाभिषेक के लिए उमड़ा जनसैलाव

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झारखंड/दिल्ली-राजेश कुमार

सावन का महीना शुरू होते ही झारखंड के शिव मंदिरों में भी आस्था उमड़ पड़ी।शनिवार को झारखंड में बाबा की नगरी देवघर में विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेले का उद्घाटन मुख्यमंत्री रघुवर दास ने किया।उन्होंने ने सुबह बैद्यनाथ की पूजा अर्चना कर बाबा भोलेनाथ से झारखंड प्रदेश और सूबे की जनता की सुख-समृद्धि की कामना की।पूजा के बाद मुख्यमंत्री बाबा मंदिर के सरदार पंडा से मिले और उनसे आशीर्वाद लिया।यहां से वह दुम्मा रवाना हुए,जहां मुख्य कार्यक्रम आयोजित किया गया है।हालांकि 28 जुलाई से शुरू हुआ ये श्रावणी मेला 26 अगस्त तक चलेगा।

कांवड़ियों का उमड़ा जनसैलाब

भगवान शंकर के द्वादश जयोर्तिलिंगों में से एक माने जाने वाले वैद्यनाथ धाम देवघर के रावणेश्वर महादेव मंदिरों में जल चढ़ाने के लिए देश भर से कांवरियों का हुजूम उमड़ पड़ा है। शनिवार को मुख्यमंत्री रघुवर दास ने देवघर और दुमका में एक महीने तक चलने वाले सावन मेले का उद्घाटन किया।मेले का उद्घाटन करते हुए मुख्यमंत्री ने देवघर को देश के प्रमुख धार्मिक, सास्कृतिक स्थल के रूप मे विकसित करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि बाबा भोलेनाथ ने झारखंड का मुख्य सेवक बनाया है। इसलिए जिम्मेदारी को पूरे दिल से निभाने की कोशिश करता हूं।उन्होंने भोलेनाथ की पूजा कर राज्यवासियों की खुशहाली की कामना की और कहा कि 2019 तक न्यू झारखंड बनाएंगे।

ट्वीटर या फेसबुक के जरिए सीएम से संपर्क कर सकतें है

मुख्यमंत्री के ट्वीटर व फेसबुक पर भी बता सकते हैं समस्या शिवभक्तों से सीएम ने अपील की कि श्रद्धालु श्रावणी मेला के दौरान होने वाली परेशानियों व समस्याओं को हमारे ट्वीटर या फेसबुक अकाउंट पर भी दर्ज करें।हर सोमवार सीएम पहुंचेंगे देवघर,करेंगे शिवभक्तों से संवाद सीएम ने कहा है कि वह पूरे सावन हर सोमवार को राची से देवघर पहुंच कर शिवभक्तों से सीधा संवाद करेंगे। उद्घाटन से पहले सीएम ने विधि-विधान पूर्वक ज्योर्तिलिंग की पूजा अर्चना की। उनके साथ पर्यटन मंत्री अमर बाउरी,श्रम एवं नियोजन मंत्री राज पालिवार,कल्याण मंत्री लुईस मरांडी समेत कई विधायक व अधिकारी भी इस मौके पर उपस्थित थे।120 किलोमीटर पैदल चलकर ज्योर्तिलिंग पर जल चढ़ाते हैं कांवरिए विश्वप्रसिद्ध इस मेले में भगवान को जल चढ़ाने पूरे महीने देश विदेश से श्रद्धालु पहुंचते है।सुल्तानगंज में गंगा नदी से गंगाजल लेकर कांवरिए 120 किलोमीटर की पैदल यात्रा तय कर वैद्यनाथधाम में शिवलिंग का अभिषेक करते हैं।

कांवड़ियों के लिए माकूल इंतजाम

झारखंड के मुख्यमंत्री रघुवर दास इस बार श्रावणी मेले पर खुद नजर रख रहे हैं।लिहाजा, प्रशासन भी किसी तरह का जोखिम लेने के मूड में नहीं है।देवघर आने वाले कांवरियों के लिए इस बार माकूल इंतज़ाम किए गए हैं। पानी, बिजली, सड़क के अलावा कावरियों को रात में ठहरने के लिए टेंट और जगह-जगह पर चिकित्सा सुविधा का भी खास ध्यान रखा गया है। मेले के दौरान आतंकरोधी स्क्वॉयड टीम भी तैनात रहेगी।

गौरतलब है कि बिहार के सुल्तानगंज से गंगा जल उठाने के बाद कांवड़िये बोल-बम का उद्घोष करते हुए 108 किलोमीटर दूर शिव मंदिर की ओर बढ़ते हैं। यह रास्ता काफी कठिन होता है। इस दौरान भक्तों को नदी-नाले, खेत और ऊंची पहाड़ियों से होकर गुजरना पड़ता है,लेकिन उत्साह का माहौल बना रहता है।

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