गुरुग्राम की कंपनियों में हरियाणा के युवाओं को ही मिलेगा अप्रैंटिस का मौका

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गुरुग्राम। गुरुग्राम के साथ-साथ पूरे हरियाणा के युवाओं के लिए यह अच्छी खबर है कि जिस युवा ने हरियाणा की किसी भी आइटीआइ से डिप्लोमा किया है वह गुरुग्राम की कंपनी में अप्रैंटिस कर सकता है। शर्त सिर्फ यही है कि वह हरियाणा का रहने वाला हो। प्राथमिकता सबसे पहले गुरुग्राम जिला के युवा को ही मिलेगी।

बता दें कि अप्रैंटिस मामले को लेकर जिला प्रशासन अलर्ट है। अप्रैंटिस एक्ट, 1961 के तहत कंपनियों को उनकी कुल मानव शक्ति का कम से कम ढाई प्रतिशत की संख्या में अप्रैंटिस लगाना जरूरी है। एक्ट का उल्लंघन करने पर अफ्लातस इंटरनेशनल, ऐकिन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, गीगाटेरा इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, पैकिंग कनसैप्टस, पर्ल ग्लोबल इंडस्ट्रीज लिमिटेड, रादनिक एक्सपोर्टस को अप्रैंटिसिज एक्ट, 1961 के सैक्शन 30 के अंतर्गत कारण बताओ नोटिस जारी किए थे।

जानकारी के मुताबिक अप्रैंटिस को लेकर एडीसी मनीष शर्मा ने अधिकारियों की बैठक बुलाई और कड़े शब्दों में कहा अप्रैंटिस के लिए अगर गुरुग्राम से युवक नहीं मिलते हैं तो पूरे हरियाणा के किसी भी जिले के युवकों को रखा जा सकता है। यह जरूर ध्यान रखें कि अप्रैंटिसशिप में रखा जाने वाला बच्चा हरियाणा वासी हो तथा उसने हरियाणा से ही आइटीआइ कर रखी हो।

अप्रैंटिस के दौरान मिलेगा मेहनताना

एडीसी ने बताया कि युवाओं विशेषकर आईटीआई पास को रोजगार दिलाने में राष्ट्रीय अप्रैंटिसशिप प्रोमोशन स्कीम काफी कारगर सिद्ध हो रही है। उन्होंने कहा इस स्कीम के तहत अप्रैंटिसशिप पर रखे जाने वाले व्यक्ति को हरियाणा सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम मेहनताना 8922 रुपये प्रतिमाह का 70 प्रतिशत, 80 प्रतिशत अथवा 90 प्रतिशत दिया जाता है। उन्होंने बताया कि मैट्रिक पास आईटीआई कर रहे विद्यार्थी को यदि अप्रैंटिसशिप पर रखा जाता है तो उसे मिनिमम वेजिज का 70 प्रतिशत मेहनताना मिलेगा।

कुल मेन पॉवर का दस फीसदी अप्रैंटिस रखना जरूरी

यदि विद्यार्थी के एक साल का आइटीआइ कोर्स पूरा करने पर उसे रखा जाता है तो उसे 80 प्रतिशत मेहनताना मिलेगा। दो साल का आइटीआइ कोर्स करने पर रखे जाने वाले व्यक्ति को मिनिमम वेजिज की 90 प्रतिशत राशि मेहनताना के रूप में दी जाती है। इसके साथ उन्होंने बताया कि हर विभाग को 1500 रुपये प्रति अप्रैंटिस वापस मिलेंगे, जिसके लिए वे आइटीआइ के प्रिंसिपल के पास फार्म भरकर जमा करवाएं। यह राशि केंद्र सरकार द्वारा दी जा रही है। उन्होंने बताया कि सरकार की योजना के अनुसार सरकारी विभागों को भी अपनी वर्किंग मेन पॉवर के ढाई से 10 प्रतिशत पद आइटीआइ पास अप्रैंटिस से भरने अनिवार्य हैं।

जिले में 549 पद हैं खाली

गुरुग्राम आइटीआइ के प्रिंसिपल भीम सिंह ने बताया कि जिले में अभी तक सरकारी विभागों में 590 अप्रैंटिस रखे गए हैं और कुल पद 1139 हैं। इस लिहाज से अभी विभागों में और रिक्तियां हैं जिन्हें अप्रैंटिसशिप से भरा जा सकता है। सरकारी विभागों में मुख्य रूप से कंप्यूटर ऑप्रेटर प्रोग्राम असिस्टेंट (कोपा) की मांग है परंतु इस ट्रेड में आइटीआइ पास अभी गुरुग्राम जिला में नहीं मिल रहे। अतिरिक्त उपायुक्त ने कहा कि इस जिले में नहीं हैं तो प्रदेश के दूसरे जिलों से आइटीआइ विद्यार्थियों को रख सकते हैं।

एजेंसी

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