‘काऊ क्लब’ से बढ़ाएंगे किसानों की आमदनी

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मुंबई। किसानों को कृषिपूरक उद्योग और उनकी आय बढ़ाने के लिए राज्य सरकार प्रदेश में ‘काऊ क्लब’ खोलेगी । पहले उस्मानाबाद और पालघर जिले में देसी गाय का काऊ क्लब खोला जाएगा। यह जानकारी पशुसंवर्धन, दुग्ध विकास राज्यमंत्री अर्जुन खोतकर ने शनिवार को मुंबई में दी है।
केंद्र सरकार ने नीति आयोग की स्थापना करके देश में आकांक्षित जिलों का चयन किया है। इसके माध्यम से नागरिकों का जीवनमान उंचा करने का कार्य हो रहा है। इसमें उस्मानाबाद जिले को चयनित किया गया है। राज्यमंत्री खोतकर ने किसानों के लिए उद्योग शुरू करने के लिए राज्य के उस्मानाबाद और पालघर जिले में देसी गाय का काऊ क्लब स्थापित करने की संकल्पना बनाई है। वर्ष 2022 तक राज्य के किसानों की आय दोगुना करने के लिए योजना का प्रारूप तैयार करके उसे तत्काल मंजूरी देने का निर्देश उन्होंने विभाग को दिया है। साथ ही हिदायत दी गई है कि योजना पर शीघ्र अमल हो और उसका सीधा लाभ किसानों को मिले। राज्यमंत्री खोतकर के मुताबिक किसानों का मनोबल बढ़ाने के लिए विदर्भ के यवतमाल जिले में और मराठवाडा के उस्मानाबाद जिले में बलीराजा चेतना अभियान योजना शुरू की गई है।
“काऊ क्लब” इस प्रस्तावित योजना में उस्मानाबाद और पालघर जिले के लाभार्थियों को सामुहिक अथवा सामाईक पद्धति से दुधारू गाय का पालन करना होगा। दुग्धोत्पादन लेना, उस दूध पर आवश्यक संस्करण और प्रक्रिया करके दूध तथा दुग्धजन्य पदार्थो का विशिष्ट ब्रांड विकसित करना, उसकी बिक्री करना आदि का समावेश होगा। गोपालन से उपलब्ध होनेवाले गोबर और गोमूत्र से विभिन्न उत्पादन (उदा. जिवामृत, बिजामृत ईएम, कार्बनिक खाद, पंचगव्य, बायो फर्टीलाइजर इत्यादि) तैयार करके विशेष ब्रांड स्थापित करके बिक्री करना, किसान एवं पशुपालकों को आदर्श गोसंगोपन पध्दति, गोबर और मूत्र से उत्पादन इत्यादि मुद्दो पर शास्त्रोक्त प्रशिक्षण दिया जाएगा। साथ ही कृषि तथा पशुसंवर्धन पर्यटन केंद्र की स्थापना करना, आयुर्वेदिक और निसर्गोपचार पद्धति पर आधारित केंद का निर्माण, कार्बनिक पद्धति, विषमुक्त उत्पादन लेने की पद्धति से यूनिट स्थापित करना और चारा विकास, चारे के लिए वृक्ष इत्यादि की यूनिट प्रस्थापित करने जैसे घटकों का समावेश प्रस्तावित है।
यूनिट स्थापित करनेवाले लाभार्थी किसानों को उसका लाभ मिलने के साथ ही पर्यटन में बढ़ोतरी होगी। खुले मवेशी, कार्बनिक उत्पादों का प्रदर्शन जैसे उपक्रमों के कारण पशुपालन प्रणाली की जानकारी मिलने से किसान और पशुपालक लाभान्वित होंगे।
एजेंसी

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